बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को कानूनी नोटिस भेजा है. मोदी को यह नोटिस कांग्रेस विधायकों, विधान पार्षदों पर लगाए गए झूठे आरोप के खिलाफ दी गई है. वहीं युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष कुमार रोहित ने पटना के आरक्षी अधीक्षक के समक्ष उप मुख्यमंत्री के खिलाफ एक शिकायत भी दर्ज कराई है. 

कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने बताया कि राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने झूठा बयान देकर और ट्वीट कर  आरोप लगाए थे कि कांग्रेस के विधायकों, विधान पार्षदों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक पैसे का अंशदान भी नहीं किया है. मिश्रा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री की ऐसी राजनीति उनकी छोटी मानसिकता उजागर करती है.

मिश्रा ने कहा कि उन्होंने खुद 30 मार्च को मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक माह का वेतन अंशदान स्वरूप चेक द्वारा जमा कराया और ऐच्छिक कोष से भी 50 लाख रुपये के अंशदान की अनुशंसा सचिव योजना विभाग को कर दी. ऐसा ही कांग्रेस-राजद के अन्य विधायकों ने भी किया है. बावजूद इसके उप मुख्यमंत्री ने राहत कोष तक पर सफेद झूठ बोला और कोरोना के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने की चेष्टा की. उन्होंने इस संबंध में किया गया अपना ट्वीट तक वापस नहीं लिया ना ही इस संबंध में विधायकों से माफी ही मांगी. जिसके बाद कांग्रेस ने आत्मसम्मान की रक्षा और सच्चाई के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया.

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