बिहार में कोरोना मरीज़ों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. बिहार के अब 37 जिलों में कोरोना (Corona Patients) के मामले सामने आ गए हैं एकमात्र ज़िला जमुई ही है जहां अभी कोरोना के एक भी मरीज़ नहीं मिले हैं. दरअसल बड़ी तादाद में प्रवासियों के लौटने की वजह से संक्रमण का खतरा.बढ़ गया है. खुद सीएम नीतीश कुमार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्र बढ़ाने के निर्देश दे दिए हैं.

ICMR ने भी TB की मशीनों से जांच करने को हरी झंडी दे दी है. बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है और जांच केंद्र भी बढ़ाने की तैयारी भी शुरू कर दी है. मंगल पांडेय ने बताया की 6 मार्च के पहले कोरोना का एक भी जांच केंद्र बिहार में नही था लेकिन आज बिहार में 7 जांच केंद्र हैं. फ़िलहाल बिहार में जांच की क्षमता 1800 से 1900 है लेकिन अगले एक सप्ताह में जांच की संख्या बढ़कर 2500 हो जाएगी.

मंगल पांडेय ने बताया कि जांच केंद्र भी बढ़ाएंगे और स्क्रीनिंग भी बढ़ाएंगे. RT PCR  मशीन से जांच हो रही है और भागलपुर में CB NET मशीन के साथ-साथ जांच हो रही है. CB NET मशीन बिहार के कई जिलों में है लेकिन कोरोंना जांच के लिए कार्टेज अलग से आता है जो अगले एक हफ़्ता में आ जाएगा जिसके लिए स्वास्थ विभाग ने ख़रीदने का ऑर्डर दे दिया है. पांडेय ने बताया कि जैसे ही कार्टेज आएगा तो जांच शुरू कर दी जाएगी.


मंगल पांडेय ने माना कि बिहार में चिकित्सक की कमी है लेकिन उसके लिए भी विभाग पहल कर रहा है. बिहार में जो चिकित्सक कोरोना संक्रमित मरीज़ों का इलाज कर रहे हैं उनको भी PPE किट उपलब्ध कराया जा रहा है साथ ही कोरोना संक्रमण से जुड़े जितने भी साधन की ज़रूरत है वो बिहार में उपलब्ध हैं. गया में कोरोना संक्रमण के मरीज़ कम होने के बावजूद रेड ज़ोन में रखने पर मंगल पांडेय ने बताया कि गया अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल है इसलिए गया को केंद्र सरकार ने सर्विलांस पर रखा है क्योंकि गया में अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here